पडोसी देश नेपाल के जनकपुर से सदियों पहले माता सीता अयोध्या अपने ससुराल आयी थी, अब उसी तरह सौगात के तौर पर रामलला की मूर्ति का पत्थर भी जनकपुर से आ रहा हैं। जिसे अयोध्या में स्थापित किया जायेगा। रामलला की मूर्ति को किस तरह से डिज़ाइन किया जायेगा इसका जिम्मा मुंबई के चर्चित फाइन आर्ट के प्रोफेसर वासुदेव कामत की डिज़ाइन से तय होगा, लेकिन इस बीच अयोध्या और नेपाल के त्रेता युग के रिश्ते कलयुग में भी ताजे हो गए। पत्थर नेपाल से अयोध्या पहुँचने के बाद मूर्तिकारों को दिखाया जाएगा यदि कोई समस्या आती है तो पत्थर को भारत के अन्य राज्यों से भी मंगाया जा सकता ह। ताकि गर्भ गृह में विराजमान होने वाली रामलला की मूर्ति का निर्माण सही समय में हो सके। आपको बता दे नेपाल से आने वाली दो विशाल शालिग्राम शिलाओं को भू-वैज्ञानिक और पुरातत्व विशेषज्ञों की देखरेख में नेपाल के पोखरा में शालिग्रामी नदी से निकाला गया है। दोनों पत्थरों का वजन 40 टन हैं।
