उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर विपक्ष व संगठनों ने लंबे समय से सरकार पर निशाना साधा। आरोप लगाए गए कि प्रदेश का युवा वर्ग नाराज है और सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर चुका है। लेकिन प्रदेश के 100 से अधिक महाविद्यालयों में हुए छात्रसंघ चुनावों के नतीजों ने यह धारणा पूरी तरह बदल दी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), जो भाजपा का आनुषंगिक संगठन है, ने छात्रसंघ चुनावों में बड़ी और ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह परिणाम साफ संकेत देते हैं कि छात्रों के बीच भाजपा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार को लेकर व्यापक भरोसा कायम है।
पेपर लीक प्रकरण के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि छात्रसंघ चुनावों में युवा वर्ग भाजपा और उसके छात्र संगठन ABVP को सबक सिखाएगा। लेकिन परिणाम इसके बिल्कुल विपरीत निकले और ABVP को बड़ी जीत मिली। यह साफ करता है कि छात्रों ने विपक्ष के आरोपों को दरकिनार कर सरकार की नीतियों और नीयत पर विश्वास जताया।
विश्लेषकों के मुताबिक, यह जीत केवल संगठनात्मक रणनीति का नतीजा नहीं है बल्कि यह युवाओं के भरोसे का प्रतीक है। नकल विरोधी कानून, भर्ती परीक्षाओं में तकनीकी निगरानी और पारदर्शिता लाने के लिए उठाए गए कदमों ने युवाओं को यह विश्वास दिलाया है कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुन रही है और ठोस समाधान के लिए काम कर रही है। छात्रसंघ चुनावों के नतीजों ने साबित कर दिया कि विपक्ष की ओर से गढ़ी जा रही “युवा नाराजगी” की तस्वीर जमीनी हकीकत से कोसों दूर है।
