उत्तराखंड राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राज्य विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। यह सत्र आगामी 3 और 4 नवंबर को विधानसभा भवन, देहरादून में आयोजित होगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय की ओर से आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
राज्य सरकार की ओर से यह विशेष सत्र रजत जयंती वर्ष के ऐतिहासिक अवसर पर बुलाया जा रहा है, जिसमें उत्तराखंड की अब तक की यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, इस विशेष सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आमंत्रित किया गया है। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति की भी संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है, तो यह सत्र राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण क्षण बन जाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष की ओर से सभी विधायकों को विशेष सत्र में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। सत्र के दौरान उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक विकास, और भविष्य की योजनाओं पर आधारित कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा सकता है।
पृष्ठभूमि:
उत्तराखंड की स्थापना 9 नवंबर 2000 को हुई थी, जब इसे उत्तर प्रदेश से अलग कर एक स्वतंत्र राज्य का दर्जा दिया गया था। तब से हर वर्ष 9 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष, राज्य अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है, जिसे विशेष उत्सवों और कार्यक्रमों के साथ मनाया जा रहा है।

Thank you for your sharing. I am worried that I lack creative ideas. It is your article that makes me full of hope. Thank you. But, I have a question, can you help me?
Thank you for your sharing. I am worried that I lack creative ideas. It is your article that makes me full of hope. Thank you. But, I have a question, can you help me?
Thank you for your sharing. I am worried that I lack creative ideas. It is your article that makes me full of hope. Thank you. But, I have a question, can you help me? https://nicolefergesen.com/i-need-you-friend/?unapproved=31820&moderation-hash=1c92dde4ab2564c8b32c3b9d8a3b621c#comment-31820