धामी कैबिनेट की बैठक में 11 प्रस्तावों पर मुहर लगी है. बता दें कैबिनेट ने उत्तराखंड को ‘योग की वैश्विक राजधानी’ बनाने के लिए देश की पहली योग नीति को मंजूरी दे दी है। साथ ही कोषागार विभाग के पुराने लेखाकारों को नया वेतनमान देने का फैसला लिया है। जिससे उनका वेतन ठीक हो सके।
धामी कैबनेट की बैठक में 11 प्रस्तावों पर लगी मुहर
- राज्य सरकार ने उत्तराखंड प्रोक्योरमेंट नियमावली 2024 लागू की है। इसके तहत अब 10 करोड़ रुपये तक के कामों में स्थानीय युवाओं और कंपनियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे रोजगार भी बढ़ेगा और पारदर्शिता भी आएगी।
- बड़े उद्योगों के लिए खास योजना – निवेश और रोजगार दोनों बढ़ेंगे। नई मेगा इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2025 लाई गई है, जिससे राज्य में बड़े उद्योग आएंगे और हज़ारों लोगों को नौकरी मिलेगी। यह नीति अगले 5 साल तक लागू रहेगी।
- ज़हरीले केमिकल पर सख़्त नजर – मिथाइल अल्कोहल पर कड़ा नियंत्रण। अब मिथाइल अल्कोहल को विषैले पदार्थों की सूची में डाला गया है। इसका मतलब है कि इस केमिकल की खरीद-बिक्री और इस्तेमाल पर सख़्त नियम लागू होंगे ताकि कोई इसका गलत इस्तेमाल न कर सके।
- पुरानी पेंशन विसंगतियाँ खत्म – लेखाकारों को मिलेगा हक़ का वेतन। कोषागार विभाग के लेखाकारों को अब नया वेतनमान मिलेगा। पुराने और नए लेखाकारों के वेतन में जो फर्क था, वो अब खत्म कर दिया गया है।
- बांधों की सुरक्षा पर सरकार की सीधी नज़र। राज्य के 21 बड़े बांधों की सालाना सुरक्षा रिपोर्ट अब हर साल विधानसभा में पेश की जाएगी ताकि कोई खतरा न रहे और जनता को भरोसा मिले।
- क्लर्क भर्ती में पारदर्शिता – नई नियमावली लागू। निबंधन लिपिक सेवा नियमावली 2025 के तहत अब क्लर्कों की भर्ती और प्रमोशन साफ और नियमबद्ध तरीके से होंगे।
- शिक्षा-स्वास्थ्य-IT में निवेश बढ़ेगा – सेवा क्षेत्र नीति में सुधार। सेवा क्षेत्र नीति 2024 में बदलाव कर इसे और बेहतर बनाया गया है। अब स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और IT जैसे क्षेत्रों में ज्यादा निवेश आएगा, खासकर पहाड़ी और पिछड़े क्षेत्रों में।
- चाय की खेती को बढ़ावा – 11 नए पद स्वीकृत। उत्तराखंड चाय विकास बोर्ड (अल्मोड़ा) में 11 नए पद बनाए गए हैं। इससे राज्य में चाय उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को नई रोज़गार के मौके मिलेंगे।
- धामी कैबिनेट ने देश की पहली योग 2025 लागू की है। इसका मकसद उत्तराखंड को “योग की वैश्विक राजधानी” बनाना है। इससे पर्यटन और रोजगार दोनों बढ़ेंगे।
- महिलाओं और छोटे कारोबारियों को सरकार से सीधे काम मिलेगा। अब महिला समूहों (SHG) और छोटे उद्योगों (MSME) को सरकारी खरीद में 10% तक की प्राथमिकता दी जाएगी। इससे उन्हें बड़ा मौका मिलेगा।
- टेंडर और शिकायतें अब पूरी तरह ऑनलाइन होगी। अब सभी टेंडर की प्रक्रिया ई-निविदा पोर्टल पर होगी और टेंडर से जुड़ी शिकायतें सीधे IFMS पोर्टल पर दर्ज की जा सकेंगी। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेगी।
