क्या बिना किसी सबूत के उत्पात मचा रहा था पत्रकार आशुतोष नेगी?, सामने आया DGP का बयान

अंकिता भंडारी हत्याकांड में पत्रकार आशुतोष नेगी की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामले को लेकर उत्तराखंड के डीजीपी अभिनव कुमार का कहना है कि जो भी लोग आशुतोष नेगी की गिरफ्तारी पर सरकार पर अस्पष्ट आरोप लगा रहे हैं, वे या तो भावनाओं में बह रहे हैं या उनके पास कोई एजेंडा है।

पत्रकार की गिरफ्तारी में सामने आया DGP का बयान

डीजीपी अभिनव कुमार ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच के दौरान उत्तराखंड पुलिस किसी भी तरह के दबाव में नहीं थी. हमें सरकार और मुख्यमंत्री का पूरा सहयोग मिला है। राज्य पुलिस ने निष्पक्ष और साहसिक जांच की है। इस मामले में गिरफ्तार पत्रकार आशुतोष नेगी भी बिना किसी सबूत के उत्पात मचा रहा था और उसकी संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। इस मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका क्या है” यह भी जांच की जा रही है। डीजीपी ने साफ किया कि जांच में अगर पुलिसकर्मी दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ भी करवाई की जाएगी।

पत्रकार आशुतोष नेगी को क्यों किया गिरफ्तार ?

पत्रकार आशुतोष नेगी समेत चार अन्य लोगों पर आरोप थे कि उन्होंने एक व्यक्ति के लिए जातिसूचक शब्द का प्रयोग किया था। जिस पर शिकायतकर्ता ने पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने पत्रकार के खिलाफ एससी एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर आशुतोष नेगी और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया और कोर्ट के फैसले के बाद दोनों को जेल भेजा दिया। हालांकि ये मामला अभी से ढाई साल पुराना है। सालों बाद आशुतोष की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कार्रवाई भी संदेह के घेरे में आ गई है।