क्या आप जानते हैं की उत्तराखंड के वैज्ञनिकों ने वासुकी नाग के बेहद पुराने जीवाश्म खोज निकाले हैं। वासुकी नाग को भगवान शिव का प्रिय सेवक होने का दर्जा प्राप्त है। दुनिया वासुकी नाग को शेष नाग के भाई के रुप में भी जानती है।
दुनिया का सबसे बड़ा सांप है वासुकी (Vasuki Snake)
दरअसल साल 2005 के दौरान उत्तराखंड रुड़की के वैज्ञानिकों ने गुजरात के कच्छ से 27 जीवाश्म खोजे थे लेकिन शुरूआत में इन जीवाश्मों को किसी विशालकाय मगरमच्छ का माना जा रहा था। अब बडे खुलासे के बाद सामने आया है की ये जीवाश्म एक बड़े सांप का है जिसकी लंबाई 50 फीट बताई जा रही है जो अब तक रिकॉर्ड हुए टाइटनोबोआ (Titanoboa) सांप से लगभग 2 मीटर ज्यादा है। बता दें Titanoboa सांप अब तक खोजा गया सबसे बड़ा सांप है, जो धरती पर लगभाग 6 करोड़ साल पहले रहता था। अब जो जीवाश्म उत्तराखंड के वैज्ञानिकों को मिला है वो इससे काफी अलग है इसे एक नई प्रजाति का माना जा रहा है जिसे वासुकी इंडिकस का नाम दिया गया है।

खतरनाक शिकारी है वासुकी इंडिकस (Vasuki Snake)
वैज्ञानिकों की मानें तो वासुकी इंडिकस अपने दशक के विशाल सांपों में से एक था आप इसे कुछ कुछ अजगर की तरह समझ सकते हैं लेकिन ये जहरीला नहीं होता है। जर्नल साइंटिफिक रिपोर्ट्स में छपी एक स्टडी के मुताबिक IIT Roorkee के पैलेंटियोलॉजिस्ट देबजीत दत्ता ने कहा कि इसके आकार से हम अनुमान लगा पाए हैं की ये वासुकी नाग ही है।
धीमी गति में चलने वाला खतरनाक शिकारी पैलेंटियोलॉजिस्ट Palaeontologist के मुताबिक ये वासुकी नाग एनाकोंडा और अजगर की तरह अपने शिकार को दबोचकर मार डालता है लेकिन वैज्ञानिक अभी ये पता नहीं कर पाए हैं कि ये वासुकी नाग असल में खाता क्या था लेकिन इसका आकार और आस पास मिले जीवाश्म देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है की ये उस समय कछुओं, मगरमच्छों और व्हेल मछलियों को खाता होगा।

कैसे विलुप्त हो गई वासुकी इंडिकस फैमली?
अब आप ये सोच रहे होंगे की समय के साथ ऐसा क्या हुआ कि ये डार्विन की सर्वाइवल ऑफ दा फिटेस्ट थियोरी के पार्ट नहीं बन पाए और विलुप्त हो गए तो आपको बता दें की 4.7 करोड़ साल पहले ये वासुकी नाग धरती पर राज किया करते थे लेकिन धिरे धिरे जैसे ग्लोबल लेवल पर टेंप्रेचर बढ़ने लगा तो इन वासुकी नागों की आबादी खत्म होने लगी।

वासुकी इंडिकस का भगवान शिव से क्या है कनेक्शन?
आपको ये जानकर हैरानी होगी की लोग इसे हिंदू धर्म के जिस वासुकी नाग से जोड़ कर देख रहे हैं उसका और इस नाग का कोई ऑथेंटिक रिलेशन नहीं है। हांलाकी इस सांप के नाम को हिंदु माइथोलॉजी में भगवान शिव के पसंदीदा सांप वासुकी के नाम जरूर लिया गया है क्योंकि वैज्ञानिक इससे ये दर्शाना चाहते हैं की ये भगवान शिव के नागराज की तरह ही शक्तिशाली और विशाल हुआ करता था।
