प्रयागराज महाकुंभ 2025 में जहां करोड़ों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं, वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामीका एक भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया। मुख्यमंत्री धामी ने त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया, लेकिन यह क्षण तब और भी विशेष बन गया जब उन्होंने अपनी माता जी को स्वयं स्नान कराया और जलाभिषेक किया।
श्रवण कुमार की तरह सेवा
सनातन परंपरा में माता-पिता की सेवा को सर्वोपरि माना गया है, और मुख्यमंत्री धामी ने संगम में अपनी माता संग स्नान कराकर इस मूल भावना को सजीव कर दिया। जिस प्रकार श्रवण कुमार ने अपने माता-पिता की सेवा कर दुनिया के लिए आदर्श प्रस्तुत किया था, उसी तरह महाकुंभ के पावन अवसर पर धामी जी का यह कार्य सनातन संस्कृति के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है।
पारंपरिक वेशभूषा में दिखे मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूर्णतः पारंपरिक सनातनी वेशभूषा में नजर आए। कंधे पर **जनेऊ** धारण किए हुए, संकल्पित भाव से उन्होंने संगम में स्नान किया। यह दृश्य वहां मौजूद श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया, और हर कोई उनकी धर्मपरायणता को देखकर प्रभावित नजर आया।
‘धर्म रक्षक धामी’ की छवि को किया साकार
मुख्यमंत्री धामी को अक्सर धर्म रक्षक धामी के नाम से जाना जाता है, और प्रयागराज महाकुंभ में उनकी यह छवि और भी प्रबल हो गई। राजनीति में अक्सर धार्मिक प्रतीकों का उपयोग सिर्फ चुनावी प्रचार के लिए किया जाता है, लेकिन मुख्यमंत्री धामी का यह कार्य उनकी सनातन परंपराओं के प्रति सच्ची निष्ठा को प्रमाणित करता है।
महाकुंभ में श्रद्धालुओं को मिला प्रेरणादायक संदेश
महाकुंभ केवल धार्मिक अनुष्ठान का ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागरण और संस्कारों को संजोने का भी पर्व है। मुख्यमंत्री धामी की यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणादायक बनी, जिसमें यह संदेश मिलता है कि धर्म और परंपराएं केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न अंग होनी चाहिए।
