अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय में हो रही देरी के विरोध में उत्तराखंड स्टूडेंट फेडरेशन के युवाओं ने आज श्रीनगर के गोला पार्क में मुखामंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान की प्रतियां जलाई। यहां जुटे युवाओं ने मुख्यमंत्री के उस बयान की प्रतियां जलाई। जिसमें उन्होंने कहा था कि हम अंकिता हत्याकांड के दोषियों को सजा दिलाने के लिए संकल्पबद्ध हैं।
युवाओं ने महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडन अधिनियम 2013 की प्रतियां भी बाजार में महिलाओं के बीच वितरित की। उत्तराखंड स्टूडेंट फेडरेशन के गढ़वाल संयोजक लूशुन टोडरिया ने कहा कि अंकिता भंडारी के हत्याकांड को 5 महीने होने वाले है और मुख्य आरोपी पुलकित आर्य के पिता अभी भी वनन्तरा रिजॉर्ट में जा रहे है। जो की जाँच पर सवाल उठाता है।
इस दौरान युवाओं ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कोर्ट में सरकार की कमजोर पैरवी के कारण ही अंकिता भंडारी के परिवार को अभी तक न्याय नही मिल पाया है। इस दौरान हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्रसंघ कोषाध्यक्ष योगेश बिष्ट ने कहा की अगर सरकार महिलाओ का कार्यस्थल पर लैगिंग उत्पीड़न अधिनियम 2013 के ही हिसाब से चलती तो अब तक दोषियों पर कठोरतम कार्यवाही हो जाती।
बता दें कि पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर स्थित गंगा भोगपुर स्थित वनंतरा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके अन्य दो साथियों ने रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की 18 सितंबर की रात नहर में फेंककर हत्या कर दी थी। पुलकित आर्य उत्तराखंड में बीजेपी के पूर्व नेता विनोद आर्य का बेटा है.
