ई-रिक्शा चालकों ने प्रदर्शन करते हुए उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा. साथ ही समस्या के जल्द निस्तारण की मांग की.![]()
रामनगर: नैनीताल जिले के रामनगर में ई-रिक्शा चालकों का गुस्सा बीते दिन सड़कों पर दिखाई दिया. कथित तौर पर एक मोबाइल एप के जरिए ई-रिक्शा को बीच रास्ते में कही भी हैक-बंद किए जाने और इसके बाद उसको खोलने के एवज में अवैध वसूली किए जाने के विरोध में करीब 300 ईरिक्शा चालकों ने अपने वाहनों को नार्मल स्कूल जीआईसी ग्राउंड में खड़ा कर विरोध प्रदर्शन किया. इसके बाद सभी चालक एकजुट होकर उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान के कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा.
ई-रिक्शा चालकों ने उपजिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि एक विशेष ‘बैट’ (BAT) एप के माध्यम से उनके ई-रिक्शा को कहीं भी अचानक रोक दिया जाता है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. चालकों का कहना है कि कई बार वाहन में मरीज, बुजुर्ग और बच्चे भी सवार होते हैं, ऐसे में बीच रास्ते में ई रिक्शा हैक कर बंद हो जाने से उनकी जान जोखिम में पड़ जाती है. ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि कई बार वाहन सुनसान या जंगल से गुजरने वाले मार्गों पर बंद हो जाते हैं, जिससे चालक और सवारियों की सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगता है.
चालकों ने आरोप लगाया कि वाहन बंद होने के बाद कुछ लोग उनसे संपर्क कर पैसे देने के बदले ई-रिक्शा दोबारा चालू करने की बात करते हैं, उनका दावा है कि यह एक संगठित तरीके से की जा रही अवैध वसूली का मामला है. ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि इस पूरे मामले की शिकायत पहले भी पुलिस से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसी कारण सभी चालक एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर हुए. प्रदर्शन के दौरान लगभग 300 ईरिक्शा वाहनों को नार्मल स्कूल जीआईसी ग्राउंड में खड़ा कर चालकों ने अपना विरोध दर्ज कराया.
इसके बाद सभी चालक उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी ई-रिक्शा चालक को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. चालकों ने प्रशासन से मांग की कि ई-रिक्शा को एप के माध्यम से अनधिकृत रूप से नियंत्रित करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए. साथ ही ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे किसी भी चालक का वाहन बिना वैधानिक प्रक्रिया के बीच रास्ते में बंद न किया जा सके. चालकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे और बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे. वहीं मामले में उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान ने कहा कि जांच कर नियम अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
