उत्तराखंड के रुड़की में पुलिस मुठभेड़ के दौरान बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड का एक आरोपी का एनकाउंटर हो गया। वहीं बाबा तरसेम सिंह की हत्या का दूसरा आरोपी मौके से भाग निकला।
बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड
दरअसल 28 मार्च की सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर नानकमत्ता के डेरा कारसेवा के प्रमुक बाबा तरसेम सिंह की दो लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। जैसे ही ये खबर फैली तो लोगों का गुस्सा भड़क उठा। बाबा तरसेम की हत्या के बाद पुलिस प्रशासन पर तरह तरह के सवाल उठने लगे। इस हत्याकांड का जायजा खुद सूबे के मुखिया पुष्कर सिंह धामी ने लिया था और पुलिस प्रशासन को जल्द इस मामले का खुलासा करने के निर्देश दिए थे।
STF ने बनाया था प्लान
इस मामले में डीजीपी के साथ ही पुलिस के आला अफसर भी लगातार नजर बनाए हुए थे। हत्यारों का सुराग मिलते ही तुरंत धरपकड़ के लिए एसटीएफ को लगाया गया। मिली जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड की एसटीएफ और हरिद्वार पुलिस को ये सूचना मिली थी कि बाबा तरसेम की हत्या के आरोपी हरिद्वार के भगवानपुर इलाके में हैं। इस लीड के बाद पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी शुरू कर दी और चेकिंग के दौरान इस हत्याकांड का के आरोपी पकड़े गए।
पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुआ आतंकी
पुलिस ने अमरजीत से सरेंडर करने के लिए कहा लेकिन अमरजीत ने पुलिस टीम पर ही फायर कर तभी पुलिस ने जवाबी कार्यवाही करते हुए फायर किया। जिसमें अमरजीत को ढेर हो गया। वहीं उसका साथी भागने में कामयाब रहा। बात दें अमरजीत सिंह पर एक लाख का इनाम घोषित किया गया था।
