उत्तराखंड के बागेश्वर से साहस और रोमांच की एक बड़ी खबर सामने आई है। बागेश्वर के वाचम गांव निवासी 28 वर्षीय पर्वतारोही जितेंद्र सिंह दानू के नेतृत्व में चार सदस्यीय पर्वतारोहण दल ने करीब 6,106 मीटर यानी लगभग 20 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित एक दुर्गम दर्रे तक पहुंचकर तिरंगा फहराया है। टीम का दावा है कि इस दर्रे पर पहली बार सफलतापूर्वक पहुंचने में उन्हें कामयाबी मिली है। पर्वतारोहियों ने इस नए दर्रे का नाम ‘तिमफू कोल’ रखा है।
रोमांचक अभियान की शुरुआत 16 सितंबर को मिलम-मुनस्यारी क्षेत्र से हुई थी। बर्फ से ढके बेहद कठिन और जोखिम भरे रास्तों को पार करते हुए टीम लगातार आगे बढ़ती रही। अभियान में जितेंद्र दानू के साथ बागेश्वर के झूनी गांव निवासी 29 वर्षीय प्रवीण सिंह दानू और 30 वर्षीय वीरेंद्र सिंह दानू शामिल रहे। वहीं ओडिशा से ताल्लुक रखने वाले 52 वर्षीय अनुभवी पर्वतारोही सत्य नारायण बाग ने भी इस अभियान में टीम का साथ दिया।
कठिन परिस्थितियों और दुर्गम बर्फीले रास्तों के बीच टीम ने आखिरकार 21 सितंबर की सुबह करीब 8:45 बजे 6,106 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचकर तिरंगा फहराया। टीम लीडर जितेंद्र सिंह दानू और प्रवीण सिंह दानू ने इस उपलब्धि को हासिल किया। पर्वतारोहियों के मुताबिक, अभियान के दौरान मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच आगे बढ़ना बड़ी चुनौती रहा, लेकिन टीम ने हिम्मत नहीं छोड़ी।
अभियान को लेकर जितेंद्र सिंह दानू का कहना है कि उनका लक्ष्य सिर्फ इस दुर्गम क्षेत्र तक पहुंचना नहीं, बल्कि इस खोज को आधिकारिक पहचान दिलाना भी है। उनकी तमन्ना है कि ‘तिमफू कोल’ की इस खोज और पूरे अभियान को हिमालियन जर्नल में प्रकाशित किया जाए, ताकि इस नए मार्ग और अभियान का रिकॉर्ड दर्ज हो सके।
